बातें सब याद है तेरी याद सारे रंग तेरे आज भी तुझे ना नही करना जान चाहे मांग मेरी अभी सिर पर चढ़ी है यादों की भांग तेरी याद है तेरे लफ्ज़ आखिरी ख्यालों में रंगे मेरे
वेबफा में ही था पागल तेरे जो प्यार खोया और अखिल नाम है मेरा जो बदनाम बहुत होया और एक तू ही थी जिसे धोका दिया मैंने वरना सारे लोग बोल देंगे अखिल अभी भी किसी और का ना होया अखिल यादव
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