chahiye
ना तू मेरी ना मैं तेरा फिर किसका कौन बनेगा झूठे वादे करके गई इनको पूरा कौन करेगा अब भूले नहीं जाते वादे तेरे ज़ख्म हरे हैं इनको कौन भरेगा चल छोड़ दिया तूने मुझे पर मेरी कमी पूरी कौन करेगा हां मुझे पता है मेरे हिस्से का प्यार अब कोई और करेगा
अखिल यादव up
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